
देश का अधिकांश सोना अब घर पर सुरक्षित है। अगर आपके कोई सहकर्मी या परिवारजन निवेश या अर्थनीति पर नजर रखते हैं, तो यह खबर उनके लिए उपयोगी हो सकती है।

भारत अपना सोना वापस ला रहा है कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच देश के सोने के भंडार को विदेशों से वापस लाने की रफ्तार तेज कर रहा है। यह कदम आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने और वैश्विक जोखिमों से बचाव के लिए उठाया गया है, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा मध्य पूर्व में अस्थिरता के मद्देनजर। भारत ने मार्च 2023 के बाद से अपने सोने के भंडार में तेजी से बदलाव किया है, जिसमें अधिकांश सोना अब देश के भीतर सुरक्षित रखा जा रहा है।
RBI की रिपोर्ट (अक्टूबर 2025 से मार्च 2026) के अनुसार, भारत के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना है, जिसमें लगभग 680 टन (77%) अब भारत में संग्रहित है। इसके विपरीत, मार्च 2023 तक केवल 37% सोना ही देश के भीतर था। इस छह महीने की अवधि में 104.23 टन सोना विदेशों से वापस लाया गया है, जो एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थानांतरण दर्शाता है।
अधिकांश विदेशी सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) में रखा गया था। वैश्विक स्तर पर युद्ध, प्रतिबंध और आर्थिक अस्थिरता के डर के चलते कई देश अपने सोने को घर वापस लाने पर विचार कर रहे हैं। भारत की यह रणनीति आर्थिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
तथ्य
- भारत के पास मार्च 2026 तक कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना था।
- इसमें से लगभग 680 टन (77%) सोना भारत के भीतर सुरक्षित रखा गया था।
- 197.67 टन सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) में जमा था।
- छह महीने (अक्टूबर 2025 से मार्च 2026) में 104.23 टन सोना विदेशों से भारत वापस लाया गया।
- मार्च 2023 तक भारत के केवल 37% सोने का भंडार देश के भीतर था।
- यह स्थानांतरण अमेरिका-ईरान तनाव और मध्य पूर्व में अस्थिरता के बीच आर्थिक सुरक्षा के लिए किया गया।
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